ट्रांसपोर्टर के 12 चक्का ट्रक को माइनिंग के काम में किराए पर चलाने का झांसा देकर दो आरोपी उसकी 6 गाड़ियां ले गए। आरोपी सेक्टर-8 सड़क नंबर 41 निवासी लोकेश नेताम और आनंद बिहार फेस 2 निवासी स्वप्निल शिंदे ने हर महीने किराए के रूप में 14.40 लाख रुपए देने का वादा किया। 6 महीने का समय गुजरने के बाद भी ट्रांसपोर्टर को न किराया दिया और उसकी गाड़ियां वापस की। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ग्राम मोरिद वार्ड 39 निवासी ट्रांसपोर्ट व्यवसायी शोभाराम साहू की शिकायत पर पुलिस ने धारा 316(2), 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया।
प्रार्थी ने बताया कि उसके ऑफिस में लोकेश और स्वप्निल आकर बैठते थे। आरोपियों ने खुद को रूलबर्ड वाइट साफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर बताया और उसकी गाड़ियों को कंपनी के काम में लगाने का झांसा दिया। आरोपियों ने उससे कहा कि उनका कोरबा, बिलासपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ के कंपनी और कोल खदान के अधिकारी, विधायक, मंत्रियों से अच्छा संबंध है। इस आधार कंपनियों से टेंडर मिल जाता है। प्रार्थी आरोपियों के झांसे में आ गया और अपनी गाड़ियां दे दी।
