क्या है पूरा मामला ?
वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में वन्यजीव के शिकार की घटना हुई है। सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने तलाशी वारंट लेकर गांव में कार्रवाई की। टीम जब आरोपियों के घर पहुंची, तो वहां मांस पकाया जा रहा था। पूछताछ में सामने आया कि यह मांस जंगली सूअर का है। जांच के दौरान आरोपियों ने बताया कि गांव के पेखन वर्मा ने अपने निजी खेत में बिजली का कनेक्शन लगाकर जंगली सूअर का शिकार किया था। शिकार के बाद मांस को गांव में लाकर पकाया जा रहा था।
बख्शे नहीं जाएंगे आरोपी
वन विभाग ने मौके से जंगली सूअर का मांस, एक बसूला, दो कुल्हाड़ियां, एक हंसिया और तीन कड़ाहियां जब्त की हैं। मामले में पेखन वर्मा, बुजलाल कंवर, सेवनदास और मेन कुमार को आरोपी बनाया गया है। वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में उपजेल सलोनी भेज दिया गया है। खैरागढ़ डीएफओ पंकज राजपूत का कहना है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
