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कलेक्टर सिंह ने किया नील-हरित काई उत्पादन टांकों का निरीक्षण

ग्राम ढौर एवं डूमर में हो रहा नील-हरित काई का उत्पादन

दुर्ग:आदित्य दीप - कलेक्टरअभिजीत सिंह ने आज धमधा विकासखण्ड के ग्राम ढोर एवं डूमर पहुंचकर नील-हरित काई उत्पादन टांकों का निरीक्षण किया तथा किसानों से चर्चा कर इसके लाभों की जानकारी ली। जिले में किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और मृदा स्वास्थ्य सुधारने के उद्देश्य से नील-हरित काई (ब्लू ग्रीन एल्गी-बीजीए) उत्पादन एवं उपयोग अभियान चलाया जा रहा है। जिले में वर्तमान में लगभग 217 नील-हरित काई उत्पादन टांकों का निर्माण किया गया है। यह तकनीक किसानों के लिए बेहद उपयोगी और किफायती है, जिसे वे अपने घर या खेत की खाली भूमि पर कम खर्च में तैयार कर सकते हैं। 

कलेक्टर सिंह ने निरीक्षण के दौरान किसानों को अधिक से अधिक संख्या में इस नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया और कहा कि जैविक एवं टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में नील-हरित काई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कलेक्टर सिंह ने कृषि विभाग के उप संचालक को निर्देश दिए कि कृषि मित्रों, कृषि सखियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किसानों को जागरूक कर इस तकनीक के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। नील-हरित काई धान की खेती में प्राकृतिक नाइट्रोजन उपलब्ध कराती है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है। इसके उपयोग से मिट्टी की उर्वरता और जल धारण क्षमता में सुधार होता है। इसका लाभ धान फसल के साथ-साथ धान कटाई के बाद ली जाने वाली रबी फसलों को भी मिलता है। इस दौरान कृषि विभाग उप संचालक संदीप भोई सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।